February 26, 2026

कोरोना की वजह से भाजपा सांसद की मौत..मेदांता में थे भर्ती..भाजपा में शोक की लहर

नई दिल्ली 2 मार्च 2021। कोरोना संक्रमण के चलते बीजेपी के खंडवा से सांसद नंद कुमार सिंह चौहान उर्फ नंदू भैया का निधन हो गया. नंद कुमार सिंह का दिल्ली-एनसीआर स्थित मेदांता अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा था. लेकिन, पिछली रात वह कोरोना से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गए. नंद कुमार सिंह को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद 11 जनवरी को भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन, स्थिति खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली लाया गया था. वह साल 2019 में छठी बार मध्य प्रदेश के खंडवा लोकसभा से सांसद चुने गए थे।

ज्यादा सीरियस होने की वजह से उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। चौहान के बेटे हर्षवर्धन ने इसकी पिता के निधन की पुष्टि की है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नंदकुमार सिंह चौहान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नंदू भैया की पार्थिव देह को भोपाल के भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, इसके बाद बुधवार को उनके गृहग्राम शाहपुर अंतिम संस्कार किया जाएगा.

नंदकुमार चौहान का राजनीतिक सफर

बुरहानपुर जिले के शाहपुर में नंदकुमार सिंह चौहान का जन्म 8 सितंबर 1952 में हुआ था। पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा के बाद उन्होंने राजनीति को अपने कैरियर के रूप में चुना और भाजपा में शामिल हुए। बुरहानपुर जिले में स्थित शाहपुर नगर पालिका में वर्ष 1978-80 व 1983-87 तक शाहपूर बुरहानपुर अध्यक्ष के तौर पर भाजपा से विजय होकर नगर अध्यक्ष रहे। इसके बाद सन् 1985-96 तक लगातार 2 बार भाजपा से विजयी हो कर मध्य प्रदेश विधानसभा के बुरहानपुर क्षेत्र से विधायक रहे थे। सन 1996 को 11वें लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें खंडवा क्षेत्र से सांसद उम्मीदवार बनाया था। इसमें वें विजयी हुए थे, लेकिन उनका कार्यकाल 1996-97 तक ही रहा। क्योकि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अपना त्यागपत्र दे कर सरकार निरस्त कर दी थी। इसके बाद सन 1998 में उपचुनाव में 12वीं लोकसभा चुनाव में वे दूसरी बार खंडवा क्षेत्र से विजयी हुए थे। यह कार्यकाल भी 1998-99 तक ही रहा जिसका मुख्य कारण वाजपेयी सरकार के समर्थक पार्टी का समर्थन वापस लेना था। सन 1999 में 13वीं लोकसभा उपचुनाव में फिर से भाजपा ने खंडवा क्षेत्र से इन्हें उम्मीदवार बनाया। इसमें भी वें तीसरी बार विजयी हुए। इसने इनका कार्यकाल 1999-2004 तक 5 वर्ष पूर्ण चला।

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Ranjan Prasad

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