सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में विजय ने जीती जीवन की जंग

कोरबा। निहारिका स्थित सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में उस समय एक चमत्कार हो गया, जब विजय साहू नामक मरीज जो कि राताखार निवासी है कमर की एक चोट के कारण चलने फिरने में असमर्थ हो जाता है एवं मल मूत्र नियंत्रण भी खो देता है। उसका सफल ऑपरेशन सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में कर उसे जीवन की मुख्य धारा में वापस लाया गया।
इस संबंध में सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. शतदल नाथ ने बताया कि राताखार निवासी विजय साहू किसी वाहन दुर्घटना से ग्रसित होने के कारण कमर के हड्डी का फ्रैक्चर हो जाता है। फ्रैक्चर के कारण नस दबने से मरीज मल एवं मूत्र का नियंत्रण भी खो देता है। ऐसे में लगभग 17 दिन तक प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए वह घूमता रहा। मरीज के परिजनों ने बताया कि कहीं भी उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अंत में थक हार कर वह सिद्धिविनायक हॉस्पिटल पहुंचा। डॉ. नाथ जो कि सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के अस्थि रोग विशेषज्ञ हैं उन्होंने मरीज की गहन जांच की एवं सर्वप्रथम एमआरआई करने का सलाह दी। एमआरआई में मरीज के लंबर दो में फ्रैक्चर पाया गया एवं फ्रैक्चर के विखंडित टुकड़ों द्वारा नसों एवं मेरुदंड का दबाव पाया गया। डॉ. नाथ उनकी टीम ने मरीज के लिए एक विस्तृत ट्रीटमेंट का रूपरेखा तैयार की, जिसके अंतर्गत स्पाइनल डीकंप्रेशन अर्थात मेरुदंड का दबाव को हटाने एवं मेरुदंड की हड्डी को स्क्रू द्वारा जोड़ना जिसे वैज्ञानिक भाषा में ट्रांसपेंडिकुलर स्क्रू फिक्सेशन कहते हैं इसके साथ-साथ टी लीफ पद्धति अर्थात ट्रांसफार्मिनल इंटर बॉडी फ्यूजन। आश्चर्य का विषय यह है कि ऑपरेशन के एक हफ्ते बाद ही मरिज आंशिक रूप से अपने मल एवं मूत्र पर नियंत्रण करने लगा एवं पूर्ण रूप से लगभग एक महीने के अंदर। डॉ. नाथ ने इस सफलता के लिए अपनी पूरी टीम को बधाई दी एवं संकल्प लिया आगे भी इस तरह के चैलेंजिंग केस करते रहेंगे, जिससे कि कोरबा की जनता को लाभ मिले।

ranjan photo
Admin

Spread the word