जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा कोरबा, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली रथयात्रा

कोरबा। भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा गुरुवार को जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। शहर से लेकर उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। जय जगन्नाथ के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
दादरखुर्द में 126 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा प्रारंभ हुई। मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सियां थामकर पूरे उत्साह के साथ रथ को खींचा। गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए रथयात्रा का भ्रमण कराया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते रहे।
दादरखुर्द की रथयात्रा की विशेषता यह है कि यहां ओडिशा के जगन्नाथ पुरी की परंपराओं का पालन करते हुए उत्सव मनाया जाता है। रथयात्रा देखने के लिए कोरबा शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी प्रकार बालको नगर स्थित राम मंदिर से भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर स्थापित किया गया। परंपरा के अनुसार प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक ले जाने वाले मार्ग पर झाड़ू लगाकर सेवा की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से रथ खींचते हुए नगर भ्रमण कराया। खरमोरा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी रथयात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। रथयात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के जवान भी तैनात रहे। दिनभर चले इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा जिला जगन्नाथमय नजर आया।