February 25, 2026

ऊर्जाधानी में पांव पसार रहा टीबी, 79 नए टीबी रोगियों की हुई पुष्टि


कोरबा 31 जुलाई। ऊर्जाधानी में तेजी से टीबी पांव पसारने लगा है। जनवरी से मई के बीच जहां 795 मरीज मिले थे। तो वहीं मई से 10 जुलाई के बीच 79 और नए टीबी रोगियों की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक स्लम बस्तियों में टीबी के मरीज मिल रहे है। टीबी रोगी खोज अभियान के तहत कारखाने, दफ्तर गांव व शहरी इलाकों में जाकर टीबी रोगियों की खोज की जा रही है और अधिक से अधिक संभावित लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

28 मई से 10 जुलाई तक कुल 1,844 संभावित लोगों की जांच की गईए जिसमें 79 टीबी रोगियों की पहचान हुई है। जिनका इलाज सरकारी अस्पताल में शुरू हो गया है। जबकि जनवरी 2022 से मई 2022 के बीच 9361 लोगों की स्क्रीनिंग हुई थी इसमें 795 मरीज टीबी से ग्रसित मिले थे। इस वर्ष 874 मरीज मिल चुके हैं। हर 12 व्यक्ति टीबी से ग्रसित मिल रहा है। घर-घर टीबी जांच अभियान के तहत जिला टीबी नियंत्रण टीम के सदस्यों, मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीबी की जांच कर रहे हैं। जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को निशुल्क उपचार भी उपलब्ध करवाया जा रहा है ।

इस संबंध में जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जीएस जात्रा ने बताया अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी खोज सर्वे भी कर रहे है, साथ ही जिसमें लक्षण नजर आ रहे है उनकी जांच भी कराई जा रही है। अभियान के तहत जन-जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए टीबी के संभावित मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कर उनका सहयोग लिया जा रहा है।

ये लक्षण आने पर कराएं जांच:-सीने में दर्द होना, चक्कर आना, दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या बुखार आना, खांसी के साथ मुंह से खून आना, भूख में कमीं और वजन कम होना आदि लक्षण दिखने पर फौरन चिकित्सक से संपर्क करें। ड्रग रेजिस्टेंट टीबी की जांच एवं उपचार की सुविधा जिला स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए सीबीनॉट मशीन लगाई गई है। वहीं ब्लॉक स्तर पर ट्रूनॉट मशीन है। जिससे संभावित रोगियों का 2 घंटे में टीबी या ड्रग रेजिस्टेंट टीबी होने का पता लगाया जा रहा है। टीबी रोगियों की जांच और संपूर्ण उपचार सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क किया जाता है।

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Ranjan Prasad

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