आदिवासी शक्तिपीठ में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

कोरबा। आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शक्तिपीठ सभागार में आयोजित आदिवासी जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में बिरसा मुंडा के अद्वितीय योगदान, त्याग और देश के लिए दिए गए बलिदान को याद किया गया।
शक्तिपीठ द्वारा छत्तीसगढ़ में पहली बार जनजातीय गौरव दिवस को भव्य रैली और कार्यक्रम के माध्यम से मनाने की परंपरा की शुरुआत की गई थी। वक्ताओं ने इन संघर्षों को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का आधार बताया। कार्यक्रम में मेवाड़ के भील योद्धाओं और हल्दीघाटी युद्ध (18 जून 1576) में राणा पूंजा भील द्वारा महाराणा प्रताप का साथ निभाने जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों को भी याद किया गया। शक्तिपीठ के संरक्षक एवं आदिवासी साहित्य संस्कृति विशेषज्ञ मोहन सिंह प्रधान ने बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में रघुवीर मार्को, निर्मल सिंह राज, रमेश सिरका, गेंदलाल सिदार, एम.पी. सिंह तंवर, कृष्णा राजेश, सुनीता सिरका सहित समाज के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।