पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आज गेवरा खदान बंद रखने की घोषणा

एम. वहीद सिद्दीकी
कोरबा । छत्तीसगढ़ किसान सभा एवं भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ ने एसईसीएल की गेवरा खदान से प्रभावित किसानों को वैकल्पिक रोजगार देने, हेवी ब्लास्टिंग पर रोक सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 3 फरवरी मंगलवार को गेवरा खदान व साइलो बंद रखने की घोषणा की है। हड़ताल की घोषणा के बाद एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। बैठक में दीपक साहू, दामोदर श्याम, प्रशांत झा, गुलाब दास और रमेश दास उपस्थित रहे, लेकिन प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासनों से असंतुष्ट होकर प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता को विफल बताते हुए खदान बंद आंदोलन पर अड़े रहने की बात कही।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने आरोप लगाया कि खदान विस्तार के नाम पर ग्रामीणों की जमीन ली जा रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों को 100 प्रतिशत रोजगार नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आउटसोर्सिंग कार्यों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने और प्रभावितों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं किसान सभा के दीपक साहू ने बिना सेफ्टी जोन बनाए खदान विस्तार कार्य को नियमों के खिलाफ बताया। भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेता दामोदर श्याम ने हेवी ब्लास्टिंग से घरों को हो रहे नुकसान, धूल-डस्ट से स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव और ग्रामीणों में बढ़ते भय का मुद्दा उठाया। किसान सभा एवं भू-विस्थापित संगठनों ने बताया कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव बैठकें की जा रही हैं, जिसे ग्रामीणों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।