March 28, 2026

पुल बना जानलेवा, जिम्मेदार विभाग बेपरवाह


कटघोरा। नगर का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग इन दिनों गंभीर खतरे की जद में है। बिलासपुर–अम्बिकापुर नेशनल हाईवे 130 पर स्थित अहिरन नदी का पुल अब राहगीरों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। पुल की दोनों ओर लगी लोहे की रेलिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों की जान जोखिम में है।


स्थानीय नागरिकों के मुताबिक पुल के एक ओर की रेलिंग आधे से अधिक टूट चुकी है, जबकि दूसरी ओर भी कई स्थानों पर रेलिंग पूरी तरह गायब हो चुकी है। ऐसे में खासकर दोपहिया और छोटे वाहन चालकों के लिए पुल पार करना बेहद खतरनाक हो गया है। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब अंधेरे और तेज रफ्तार वाहनों के बीच जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है। यह पुल न केवल कटघोरा शहर की लाइफलाइन है, बल्कि इसी मार्ग से भारी वाहन, लंबी दूरी की बसें और चारपहिया वाहन दिन-रात गुजरते हैं। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बावजूद यहां सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। जानकारी के अनुसार, यह पुल ब्रिटिश काल का बना हुआ है और वर्तमान में इसका रखरखाव लोक निर्माण विभाग के जिम्मे है। बावजूद इसके, महीनों से टूटी रेलिंग की मरम्मत नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कटघोरा थाना प्रभारी द्वारा लोक निर्माण विभाग को दो बार लिखित सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है। स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा रहा है 28 मार्च से ढपढप बाकीमोगरा में शुरू हो चुकी 5 दिवसीय श्री दिव्य हनुमत कथा का आयोजन। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के चलते क्षेत्र में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते पुल की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाएगा?

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Ranjan Prasad

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