March 17, 2026

कोरबा 6 अक्टूबर। जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन हाथी लोगों को अपना शिकार बना रहे। कटघोरा वन परिक्षेत्र में 30 से 40 हाथियों के झुंड डेरा डाला हुआ है और किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे, वहीं हाथी के हमले से मामा-भांजे घायल हुए हैं।

अधिकारिक जानकारी के अनुसार नावाडीह निवासी 35 वर्षीय शसेन्द्र खलखो और 25 वर्षीय अशोक तिग्गा हाथी के हमले से घायल हुए हैं। दोनों रिश्तेदारी में मामा-भांजे हैं। शसेन्द्र खलखो और अशोक तिग्गा बाइक में सवार होकर नवाडीह से भटगांव से जंगल के रास्ते राशन लेने गए हुए थे। वापस लौटते समय नावाडीह जंगल के पास एक हाथी से अचानक आमना सामना हो गया और हाथी ने चलती बाइक से पीछे बैठे शसेन्द्र खलखो को सूंड से उठाकर पटक दिया। वहीं बाइक चला रहा युवक नीचे गिर पड़ा और जैसे तैसे जान बचाकर वहां से भाग निकला और घर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी दी।

शसेन्द्र की पत्नी रिंकी खलखो ने बताया कि जब उसका भांजा अशोक घर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी दी। गांव वालों के साथ मौके पर पहुंची तो देखा कि शसेन्द्र बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। वही बाइक चालू हालत में पड़ी हुई थी। हाथी वहां से निकलकर जंगल की ओर से आ रहा था। तत्काल घायल को निजी वाहन से जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। शसेन्द्र की माने तो हाथी जब उस पर हमला किया उसके बाद उसने हाथी को देख कुछ समय के लिए पहले सांस रोक रखी थी। हाथी मरा हुआ समझकर उस पर दोबारा हमला नहीं किया। उसके बाद उसे कोई सुध नहीं है। हाथी के हमले से शसेन्द्र के सिर और हाथ पर गम्भीर चोंट आई है।

पीडि़त परिवार को दी सहायता राशि:-बालको रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि नावाडीह गांव में हाथी के हमले से 2 लोग घायल हुए हैं। एक को गंभीर चोट आई है। घटना मिलते ही मौके पर पहुंचकर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और तत्कालिक सहायता राशि 5000 रुपए पीडि़त परिवार को दिया गया। ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से रोका जा रहा है। वहीं वन कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।

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Ranjan Prasad

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