March 22, 2026

यात्री ट्रेनों को कुसमुंडा से चलाने की मांग, 26 जुलाई को रेल का चक्का जाम करेगी माकपा

कोरबा 23 जून। कुसमुंडा के गेवरा रेल्वे स्टेशन से बंद यात्री ट्रेनों को चालू करने की मांग पर माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने गेवरा स्टेशन पर प्रदर्शन किया तथा डीआरएम के नाम ज्ञापन सौंपकर 26 जुलाई को रेल का चक्का जाम की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से समार सिंह, शेख बच्चा, शिशुपाल यादव, प्रेम शांडिल्य, ज्ञानेंद्र मिश्रा, हरीश कंवर, अभिजीत गुप्ता, एसपीगौतम, शाजी जॉन, आई पी केशरवानी, जनरैल सिंह, दामोदर, रेशम, दीना, सनत, कृष्णा आदि माकपा कार्यकर्ता शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि गेवरा रोड रेल्वे को सबसे ज्यादा राजस्व देता है, लेकिन आम जनता को यहां से यात्री सुविधा उपलब्ध कराने में रेल प्रबंधन की कोई दिलचस्पी नहीं है। लॉक डाउन में जिन ट्रेनों को बंद किया गया था, उसमें कुछ ट्रेनों को माकपा के बड़े आंदोलन के बाद शुरू किया गया था, लेकिन विगत 14 अप्रेल से फिर से सभी यात्री ट्रेनों को बंद कर दिया गया है, जिससे जनता में काफी आक्रोश है। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा तथा सीटू नेता वी एम मनोहर ने आरोप लगाया है कि कोरबा पश्चिम की जनता को रेल प्रबंधन सुविधा के नाम पर ठेंगा दिखा रहा है। इसलिए आम जनता के पास संघर्ष के मैदान में उतरने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है। संघर्ष के पहले चरण में 26 जुलाई को मालवाहक ट्रेनों के पहिए जाम किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यदि रेल प्रबंधन अपने जन विरोधी रवैये को नहीं छोड़ती है, तो इस क्षेत्र के लोग, जिन्होंने अपनी जमीन इस सरकार को कोयला खनन के लिए दी है, वे भी यंहा से रेल्वे को कोयला परिवहन की अनुमति नहीं देंगे।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, जय कौशिक, संजय यादव तथा जनवादी नौजवान सभा के नेता दामोदर श्याम ने कहा कि गेवरा रोड स्टेशन से छोटे व्यपारी, किसान, मजदूर और गरीब जनता अपने यातायात के लिए सस्ता और सुगम साधन ट्रेन का उपयोग करती थी, जिसे पूरी तरह से बंद करके रेल्वे प्रबंधन अपने मुनाफे के लिए केवल कोयला ढोना चाह रही है। इस जनविरोधी रवैये के जवाब इस क्षेत्र की महिलाएं,, किसान, छात्र और नौजवान 26 जुलाई को रेल का चक्का जाम करके देंगे। कोरबा की आम जनता को एक साथ खड़े होने की अपील करते हुए उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू कर दिया गया है।

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Ranjan Prasad

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