कोयला कर्मियों को जर्जर आवासों में रहने की मजबूरी
0 मरम्मत नहीं होने से भारी परेशानी
कोरबा। एसईसीएल के आवासीय परिसर दीपका कालोनी ऊर्जानगर के आवासों की हालत काफी खराब है। मरम्मत नहीं होने से कर्मी व उनके परिजनों को जर्जर आवासों में रहना पड़ रहा है। बारिश के दौरान हादसे का खतरा बना हुआ है।

आवासीय परिसर के मकानों में रहने वाले कर्मचारी मरम्मत को लेकर पिछले एक वर्ष से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। किसी मकान के छत का प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं खिड़कियां टूटी हुई है। मच्छर से बचाने वाली एल्युमिनियम गेट व खिड़कियों की जाली गायब है। छत में सीपेज की समस्या बनी हुई है। टायलेट चेंबर का ढक्कन टूटा हुआ है। कई आवासों के कीचन पूरी तरह से जर्जर हैं। बाथरूम व टायलेट में ऊपर से पानी का रिसाव हो रहा है। शिफ्टिंग सिविल कार्य भी नहीं हो रहे हैं। चेम्बर खुले होने से उसमें गिरने का खतरा भी बना हुआ है। समस्याओं का निराकरण नहीं होने से कर्मियों में नाराजगी है। आवासीय कालोनी में व्याप्त समस्याओं को लेकर एचएमएस गेवरा क्षेत्र के वेलफेयर कमेटी मेंबर मकसूद ने महाप्रबंधक गेवरा एरिया को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि मार्च 2025 के पहले सिविल विभाग के अधिकारियों द्वारा यह कहा जा रहा था कि फंड समाप्त हो गया है। आएगा तो काम किया जाएगा, लेकिन अब क्या समस्या है काम नहीं हो रहा है। कर्मचारी रोजाना यूनियन आफिस आकर समस्याओं की जानकारी देते हैं। गेवरा विश्व की दूसरे नंबर की माइन है। माइन को ऊंचाई तक ले जाने वाले कर्मियों को क्वार्टर रेपियरिंग के सालों से भटकना पड़ रहा है। अविलंब जांच व कार्रवाई की मांग करते हुए मकसूद ने प्रबंधन को आंदोलन की चेतावनी दी है।
