तहसील कार्यालय में भू अर्जन पर त्रिपक्षीय बैठक, ग्रामीणों ने रखी 7 सूत्री मांगें

हरदीबाजार। तहसील कार्यालय में शुक्रवार को एसईसीएल दीपका प्रबंधन, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच भू अर्जन को लेकर त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पाली एसडीएम सीमा पाटले ने की। ग्रामीणों ने बैठक में स्पष्ट कहा कि एसईसीएल अधिकारी झूठे आश्वासन देते हैं और लिखित में भरोसा दिए बिना नापी-सर्वे का विरोध किया जाएगा।
ग्रामीणों ने अपनी सात सूत्री मांगें रखीं, जिनमें 2004 से 2010 के बीच खरीदी-बिक्री हुई जमीनों पर 100 प्रतिशत समाधान, मकानों का ड्रोन सर्वे के आधार पर मुआवजा, पुनर्वास और पेशा एक्ट के तहत ग्रामसभा प्रस्तावों का पालन शामिल है। एसडीएम ने कहा कि 26 अगस्त 2024 को हुआ ड्रोन सर्वे अंतिम माना जाएगा और नापी के समय ग्रामीणों को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि मुआवजे में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी।
बसाहट को लेकर सहमति नहीं बनी। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक एसईसीएल सर्वसुविधायुक्त पुनर्वास स्थल तैयार नहीं करता, तब तक मकान खाली नहीं करेंगे। ब्लास्टिंग से घरों में दरार की शिकायत पर एसडीएम ने एसईसीएल अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मानवीय जिम्मेदारी निभाने को कहा। बैठक में व्यवस्था की कमी को लेकर नाराज होकर पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, अजय दुबे सहित कुछ जनप्रतिनिधियों ने बहिष्कार किया। इस दौरान तहसीलदार विष्णु प्रसाद पैंकरा, नायब तहसीलदार संदीप गुप्ता, एसईसीएल प्रबंधन से जीएम माइनिंग पार्थ मुखर्जी, नोडल अधिकारी भू-राजस्व मिथेश मधुप, रौशन मेश्राम, अजय राठौर सहित सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर, जिलापंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल, नरेश टंडन, उप सरपंच रेखा जायसवाल, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, श्यामू जायसवाल, डॉ विजय राठौर, सुरेंद्र राठौर, रामशरण कंवर, टंकण जायसवाल, बाबूराम राठौर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।