कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नाम पर जल्द लग सकती है मोहर, गोपनीय सर्वे के आधार पर होगा चयन

कोरबा। प्रदेश में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अपने निर्णायक चरण में पहुँच गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार 12 नवंबर के बाद इस संबंध में अहम बैठक हो सकती है, जिसमें राहुल गांधी द्वारा एआईसीसी के गोपनीय सर्वे एवं विभिन्न अनुशंसाओं के आधार पर अंतिम नामों पर मुहर लगाए जाने की संभावना है।
सूत्र बताते हैं कि जिलाध्यक्ष पद के लिए नए उम्मीदवारों की सूची तैयार हो चुकी है, लेकिन नामों पर अंतिम स्वीकृति अभी नहीं दी गई है। इस कारण उम्मीदवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सूची में देरी से उन्हें अपने समर्थक नेताओं से संपर्क साधने और दिल्ली तक सक्रिय लॉबिंग करने का समय भी मिल रहा है। कई दावेदारों ने शीर्ष नेतृत्व तक अपनी पहुंच मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर अक्टूबर माह से रायशुमारी की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान पार्टी के पर्यवेक्षकों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं की राय ली, बैठकों में सुझाव सुने और संगठन से जुड़े कई सक्रिय नामों की चर्चा भी सामने आई।
सूत्रों के अनुसार बिहार चुनाव खत्म होने के बाद एआईसीसी की बैठक राहुल गांधी की उपस्थिति में आयोजित होगी, जिसमें प्राप्त सर्वे रिपोर्ट, पर्यवेक्षकों की टिप्पणी एवं वरिष्ठ नेताओं की अनुशंसाओं का मिलान कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच संगठन के दिग्गजों की भी सक्रियता बढ़ गई है, ताकि उनके समर्थकों के नामों पर मुहर लग सके।