मेडिकल कालेज निरीक्षण पर पहुंचे एनएमसी ने जांचे 45 प्राध्यापक डाक्टरों के शैक्षणिक दस्तावेज

कोरबा 6 मार्च। मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने पहुंची टीम ने दूसरे दिन यहां पदस्थ किए गए 45 प्राध्यापक डाक्टरों के शैक्षणिक योग्यता दस्तावेज की जांच की। निरीक्षण के दूसरे दिन मेडिकल कालेज के नए डीन ने भी पदभार ग्रहण कर लिया। दो दिन तक चले निरीक्षण के दौरान टीम ने कालेज में उपलब्ध संसाधनों की सूची तैयार कर दस्तावेज को अंतिम रूप दिया। टीम अब दिल्ली पहुंच कर एनएमसी को रिपोर्ट सौंपेगी।

जिले में मेडिकल कालेज को मान्यता मिलने की संभावना बढ़ गई है। दो साल पहले राज्य सरकार ने स्वीकृति दे है। संसाधन की उपलब्धता को लेकर मेडिकल कालेज ने साल भर पहले ही तैयारी कर ली थी। मेडिकल कालेज के डीन डाण्अविनाश मेश्राम ने शनिवार को पद संभाल लिया। राज्य शासन की भी नजर मान्यता को लेकर बनी हुई है। बहरहाल दिल्ली से आयी एनएमसी की टीम का अधिक समय अस्पताल में पदस्थ प्राध्यापक डाक्टरों के शैक्षणिक दस्तावेज की जांच में गुजरा। इससे पहले टीम ने झगरहा स्थित आइटी कालेज में तैयार लाइब्रेरी और प्रायोगिक कक्ष का भी अवलोकन किया। अगस्त माह से नए बेच की शुरूआत होनी है। इसे ध्यान में रखते हुए मेडिकल कालेज ने एनमएमसी को संसाधनों का निरीक्षण करने के लिए आवेदन किया था। एनएमसी की रिपोर्ट का परिणाम माह भर बाद आने की संभावना है। यहा बताना होगा कि भारत सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं सीएसएस के तहत ऐसे जिलों में मेडिकल कालेज स्थापित किए जाने की अनुमति दी थी, जहां सरकारी या निजी मेडिकल कालेज नहीं हैं। इस दिशा में वंचितए पिछड़े और आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी गई है। कोरबा भी आकांक्षी जिलों में शामिल है। इस वजह से योजना के तहत तीन चरणों में देश भर में 157 नए मेडिकल कालेज स्वीकृति दी गई है। इसमें 39 कालेज आकांक्षी जिलों में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके तहत कोरबा में मेडिकल कालेज को वर्ष 2020 में अनुमति दी गई थी। इस विशेष योजना के तहत यह तय किया गया कि जिला अस्पताल या रेफरल अस्पताल में मेडिकल कालेज अस्पताल का संचालन होगा।

राज्य सरकार के साथ सामंजस्य बिठाकर काम किया जाना था। खर्च का बंटवारा केंद्र और राज्य के बीच 60-40 फीसदी का रखा गया है। कालेज शुरू करने के अब 120 करोड़ खर्च हो चुका हैं। जिसमें आक्सीजन प्लांट की शुरूआत, आपरेशन मे अत्याधुनिक सुविधा, विकसित लैब निर्माण आदि शामिल है। कार्य अभी भी प्रगति पर रहै। कालेज की अनुमति अब पूरी तरह टीम की रिपार्ट तय होगी। किसी भी मेडिकल कालेज के संचालन का मुख्य आधार वहां के उपलब्ध संसाधन होते है। कोरबा के मेडिकल कालेज में प्राध्यपक डाक्टरों की पर्याप्त टीम है। लैब, आपरेशन थियेटर सहित तमाम सुविधाओं का एनएमसी की टीम ने अवलोकन किया हैं। हमे पूर्ण विश्वास है कि आगामी शैक्षणिक सत्र में कालेज में विद्यार्थियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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Ranjan Prasad

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