कोरबा 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ किसान सभा भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के सहयोग से एसईसीएल खदान प्रभावित गांवों के भूविस्थापितों के विभिन्न मांगों का लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रही है।

संगठन ने भू- अधिग्रहण के बदले रोजगार के लंबित प्रकरण का निराकरण, खदान बंद होने पर पूर्व में अधिग्रहित किसानों की जमीन वापस करने, प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को ही खदान के नियोजित ठेका कंपनियों में काम पर रखने, महिलाओं को स्वरोजगार से जोडऩे, पुनर्वास गांव में बसे भूविस्थापितों को काबिज भूमि का पट्टा देने की मांग एसईसीएल प्रबंधन के समक्ष रखा गया है। यह मांगे पूरी नहीं होने किसान सभा ने 1 नवंबर छत्तीसगढ़ स्थापना के दिन को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि इसके पहले कलेक्टोरेट के घेराव आंदोलन किए जाने पर बेरिकेट्स लगाकर भूविस्थापितों को रोके जाने पर कोसाबाड़ी चौक पर ही धरने पर बैठकर मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि 10 नवंबर को त्रिपक्षीय वार्ता के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया था।

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Ranjan Prasad

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