भोजली महोत्सव अनादि काल से चली आ रही छत्तीसगढ़ी परंपरा एवं संस्कृति का अभिन्न अंग, इस सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखना हम सबकी जिम्मेदारी – लखन लाल देवांगन

0 तुलसीनगर, रूमगरा व शिवनगर में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
कोरबा।
भोजली पर्व कोरबा जिले में बड़े हर्षोल्लाह एवं धूमधाम से मनाया जाता है। यह भोजली अनादि काल से चली आ रही परंपरा व संस्कृति का अभिन्न अंग है। उक्त बातें पूर्व महापौर, पूर्व विधायक व कोरबा विधानसभा चुनाव भाजपा प्रत्याशी लखनलाल देवांगन ने कही।
भोजली कार्यक्रम तुलसी नगर एवं रूमगरा में महिला समूह तथा शिवनगर में बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कोरबा विधानसभा भाजपा प्रत्याशी पूर्व महापौर लखनलसल देवांगन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भोजली हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति की प्रतीक एवं परंपरा है। छत्तीसगढ़ की जो भी तीज त्योहार है उन सबको सहेज कर रखना हम सबका महत्वपूर्ण कर्तव्य है। छत्तीसगढ़ की हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। भोजली पर्व मूलत: अन्न माता एवं प्रकृति की सेवा है। अंकुरित बीज के पल्लवित रूप की भोजली माता के रूप में सेवा की जाती है। भोजली विसर्जन यात्रा कोरबा बुधवारी से निकलकर तुलसी नगर होते हुए कर्मा मंदिर पहुंची। गीत के माध्यम से नगाड़ा और मांदर की थाप पर परंपरागत गायन वादन किया गया। पूर्व महापौर पूर्व विधायक लखनलाल देवांगन ने भोजली माता की पूजा अर्चना कर जिले की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर पूर्व जिला उपाध्यक्ष तुलसी ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल, कृष्ण यादव, गजेंद्र मानसर, लक्ष्मण श्रीवास, गिरजा साहू, केवल साहू, लोकनाथ साहू, दिनेश साहू, नरेंद्र पाटनवार, संजय कुर्मवंशी, योगेश्वरी साहू, बालाराम साहू, गोरे साहू, देवकी साहू, वंदना साहू, रजनी साहू, वृंदा साहू, ठाकुर राम, घनश्याम साहू व महिला समूह एवं शिवनगर के लोग उपस्थित थे।

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