विश्व आदिवासी दिवस के कार्यों का किया गया विभाजन, दायित्व सौंपे गए

शंभू शक्ति सेना की ब्लॉक इकाइयों की बैठक संपन्न
कोरबा। विश्व के प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ के सभागार में शंभू शक्ति सेना की पांचों ब्लॉकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही, जहां आगामी विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस के आयोजन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही नई कमेटियों के गठन की अनुशंसा की गई एवं कार्यों का जिम्मा सौंपा गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि पांच दिवसीय कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु शंभू शक्ति सेना के वालंटियर्स को विभिन्न कार्यों का दायित्व सौंपा जाएगा। कार्यक्रमों में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, पारंपरिक खेल, रंगोली, ट्राइबल फैशन शो, ट्राइबल आर्ट, मेडिकल कैंप, कबड्डी, तीरंदाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। समापन समारोह में अतिथियों के स्वागत, पारितोषिक वितरण, समाज प्रमुखों का सम्मान, साथ ही भोजन, चिकित्सा, आवास और आवागमन जैसी व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न समितियां बनाई जाएंगी। हर समिति को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न सम्पन्न हो।

बैठक में बिलासपुर हाईकोर्ट की वकील पूजा बघेल एवं श्री धनुवार द्वारा नए सदस्यों को शंभू शक्ति सेना की सदस्यता दी गई। यह सदस्यता आदिवासी शक्तिपीठ के संरक्षक मोहन सिंह प्रधान के मार्गदर्शन में प्रदान की गई। इस अवसर पर श्री प्रधान ने कहा कि शंभू शक्ति सेना के सैनिकों को अपनी रूढ़ि-जन्म परंपराओं के संरक्षण, नशा मुक्ति, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से समाजहित में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। शक्तिपीठ के उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राज ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त करने के लिए नई पीढ़ी को आगे आना चाहिए। वहीं, संगठन प्रमुख रमेश सिरका ने सभी ब्लॉकों से आगामी कार्यक्रमों में मजबूत भागीदारी की अपेक्षा जताई। बैठक में महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष सुनीता सिरका, सोशल मीडिया प्रभारी लव कुमार मांझी, तथा जिला अध्यक्ष सरजू कुमार सरोटीया की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।