February 4, 2026

बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों की बढ़ी परेशानी,15–20 किमी दूर परीक्षा देने को मजबूर विद्यार्थी


0 पाली ब्लॉक के दूरस्थ स्कूलों को परीक्षा केंद्र नहीं

कोरबा। जिले में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुरू होने में अब महज 21 दिन शेष रह गए हैं, लेकिन परीक्षा केंद्रों को लेकर छात्रों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी हाई स्कूल के 98 और हायर सेकेंडरी के 96 परीक्षा केंद्रों में ही बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नए परीक्षा केंद्रों को मंजूरी देने से इंकार कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा पाली विकासखंड के दूरस्थ इलाकों में स्थित हाई स्कूल मुनगाडीह और सपलवा को परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया था, लेकिन मंडल स्तर पर इस मांग को अस्वीकार कर दिया गया। इसके चलते इन स्कूलों में अध्ययनरत सैकड़ों छात्र-छात्राओं को इस वर्ष भी परीक्षा देने के लिए 15 से 20 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से प्रारंभ होंगी। परीक्षा की तैयारियों के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों को संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, लेकिन केंद्रों की दूरी विद्यार्थियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
0 मुनगाडीह और सपलवा के छात्रों पर अतिरिक्त बोझ
पाली ब्लॉक के मुनगाडीह हाई स्कूल में मुनगाडीह सहित आसपास के कई गांवों के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने के कारण छात्रों को पाली में परीक्षा देने जाना होगा। मुनगाडीह से पाली की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है, जबकि आसपास के गांवों से आने वाले छात्रों को 15 से 20 किलोमीटर तक सफर करना पड़ेगा। इसी तरह सपलवा हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने चैतमा जाना होगा। सपलवा से चैतमा की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। सपलवा स्कूल में 5 से 10 किलोमीटर के दायरे के गांवों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं
0 परीक्षा के दौरान ठहरने की मजबूरी

परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण कई विद्यार्थियों को परीक्षा अवधि के दौरान किसी परिचित या रिश्तेदार के यहां रुकना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने से न केवल खर्च बढ़ता है, बल्कि बच्चों पर मानसिक तनाव भी बढ़ता है, जिसका असर परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है।
0 शिक्षा विभाग की मांग, बोर्ड का इंकार
जिला शिक्षा विभाग ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए नए परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग की थी, लेकिन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इसे स्वीकार नहीं किया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र बनने से छात्रों को राहत मिलती, लेकिन अब इस वर्ष भी उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
0 छात्र हित में पुनर्विचार की मांग
शिक्षाविदों और अभिभावकों ने बोर्ड से मांग की है कि भविष्य में परीक्षा केंद्र निर्धारण में भौगोलिक स्थिति और छात्रों की संख्या को ध्यान में रखा जाए, ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।

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Ranjan Prasad

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