धान खरीदी के पहले दिन केंद्रों में सन्नाटा, हड़ताल से व्यवस्था ठप

कोरबा। जिले में धान खरीदी के पहले ही दिन अधिकांश खरीदी केंद्रों में सन्नाटा नजर आया। प्रदेशभर में सहकारी समिति के कर्मचारी, प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर धान खरीदी व्यवस्था पर दिखाई दिया। 14 नवंबर को हुई कैबिनेट बैठक से उम्मीद थी कि हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन बैठक में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। वहीं, हड़ताल के चलते कई खरीदी केंद्रों में आवश्यक तैयारियाँ पूरी नहीं हो सकीं, जिससे किसान परेशान रहे। सहकारी समिति प्रदेश संघ के आव्हान पर कर्मचारी 3 नवंबर से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। इससे खरीदी केंद्रों में फड़ की सफाई, फेंसिंग, लाइट, डेनेज सहित मूलभूत व्यवस्थाएँ अधूरी रह गईं। नियमित समिति प्रबंधक वाले खरीदी केंद्र उतरदा में तो धान खरीदी के पहले दिन कार्यालय में ताला लटका रहा। न तैयारी हुई और न ही टोकन वितरण का काम शुरू हो सका। किसान पंजीयन और टोकन संबंधी कार्यों के लिए दिनभर भटकते रहे, जिससे उनके बीच निराशा का माहौल बना रहा। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो धान खरीदी प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित होगी। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है, लेकिन जमीन पर तैयारियों की कमी स्पष्ट दिखाई दे रही है।