कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी

कोरबा। कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीईओ जिला पंचायत सहित सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने भवन, एचआर, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, मातृ–शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, एनसीडी, आयुष्मान भारत, दवा उपकरण उपलब्धता आदि की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नए स्वास्थ्य भवनों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर भेजे जाएं तथा मरम्मत योग्य भवनों का चिन्हांकन किया जाए। अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी न रहे, रिक्त पदों पर वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति की जाए। करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे टेक्नीशियन की भर्ती जीवन दीप समिति से की जाए। बॉण्ड अवधि में कार्यरत चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को बिना अनुमति अन्य स्थान पर न भेजा जाए। पोंड़ी उपरोड़ा सीएचसी में उपलब्ध सर्जन के अनुसार 15 दिनों के भीतर ओटी शुरू की जाए। टीबी कार्यक्रम पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने वनरेबल पॉपुलेशन कवरेज बढ़ाने, 100 प्रतिशत निक्षय पोर्टल इंद्राज, संभावित मरीजों के एक्स-रे, नाट मशीनों की पूरी क्षमता से जांच, पोषण योजना का शत-प्रतिशत भुगतान, दो पालियों में एमएलटी की ड्यूटी तथा प्रत्येक सोमवार को टीबी स्कोर भेजने के निर्देश दिए। मातृ–शिशु स्वास्थ्य व टीकाकरण समीक्षा में कलेक्टर ने प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, एचआरपी जांच, 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, मितानिनों को पोस्ट नेटल केयर प्रशिक्षण, प्रसव के बराबर बीसीजी टीकाकरण तथा एनआरसी में 100 प्रतिशत बेड भराव सुनिश्चित करने को कहा। आरबीएसके, सिकल सेल स्क्रीनिंग, एनीमिया मुक्त भारत, मितानिन दवा पेटी मॉनिटरिंग तथा सभी लोगों का आभा रजिस्ट्रेशन पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध होने पर भी उपयोग न करने की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दी। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर पोंड़ी की सीएचओ अंजू कंवर तथा कोरबा की सीएचओ रागिनी टंडन के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अंत में अस्पतालों में दवाओं–उपकरणों की उपलब्धता, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया।