पहले मुआवजा, फिर नई नापी-हरदीबाजार के ग्रामीणों ने डीआरआरसी बैठक का किया विरोध

हरदी बाजार। ग्राम पंचायत हरदीबाजार में रविवार दोपहर 3 बजे पंचायत भवन में सरपंच की अगुवाई में ग्रामवासियों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025 के प्रस्तावित नापी सर्वे (पार्ट-3) तथा 27 मार्च को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होने वाली डीआरआरसी बैठक को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2004 एवं 2010 में हुए भूमि अधिग्रहण की सर्वे नापी लगभग पूर्ण हो चुकी है, लेकिन अब तक मकान मालिकों एवं भू-स्वामियों को मौजा राशि, नौकरी, बसाहट तथा परिसंपत्तियों से संबंधित सूची एवं मुआवजा पत्रक जारी नहीं किया गया है। ऐसे में तीसरे चरण के अधिग्रहण पर चर्चा करना उचित नहीं है।
सरपंच लोकेश्वर कंवर, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, नरेश टंडन, रमेश अहीर सहित अन्य ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक वर्ष 2004 और 2010 की नापी के प्रभावित लोगों को पूरा मुआवजा, बसाहट और रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक वर्ष 2025 के सर्वे या डीआरआरसी बैठक में शामिल होना संभव नहीं होगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पहले पुराने अधिग्रहण का निराकरण किया जाए, उसके बाद ही नए सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। बैठक में विजय जायसवाल, नरेश टंडन, रामशरण कंवर, गोपाल यादव, अरुण राठौर, राजेश जायसवाल, जगदीश अग्रवाल, रमेश अहीर, रामू जायसवाल, ब्यास राठौर, दिनेश गुरुद्वान, प्रेम डिक्सेना, अशोक डिक्सेना, देवकुमार जायसवाल, प्रदीप राठौर, वासु जायसवाल, लाला राठौर, उमेश राठौर, बजरंग पटेल, राजेन्द्र जगत, उमेश भारद्वाज, रामायण यादव, सुरेंद्र राठौर, गजेन्द्र ठाकुर, सीताराम ओढ़े, गजानंद यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।