February 26, 2026

डी एम ने की डीएमएफ से विकास सहायक मनोज टंडन की छुट्टी

कोरबा 1 जुलाई। डीएमएफ में कलेक्टर ने 24 घण्टे में दूसरी बड़ी कार्यवाही की है। स्वीकृत कार्य में अनियमितता करने वाले सब इंजीनियर बने प्रधान पाठक को जहाँ 29 जून को आदेश जारी कर निलंबित कर दिया वहीं 30 जून को डीएमएफ में पदस्थ विकास सहायक मनोज कुमार टंडन को सेवा से मुक्त कर दिया गया। वह संविदा पर कार्य था जिसकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई है। डीएमएफ प्रारंभ होने के साथ ही यह विकास सहायक के तौर पर कामकाज देख रहा था। निर्माण कार्य की स्वीकृति, कार्य एजेंसी, निर्माण राशि जारी करना, संबंधित ठेकेदारों का भुगतान के मत्वपूर्ण कार्य विकास सहायक के हाथ में रहा करता था। राशि जारी करने के एवज में बिना चढ़ावा काम नहीं किया जाता। इस सेवा समाप्ति को डीएमएफ में एक बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस शाखा के कुछ और भी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। डीएमएफ की राशि का दोहन कर मलाई बटोरने वालों की सांसें अटक सी गई हैं कि न जाने उनकी हकीकत कब सामने आ जाये और कार्यवाही हो जाय ?

बता दें कि डीएमएफ को लेकर हमेशा से शिकायत रही है कि इसकी भारी-भरकम राशि का अपने अपने हिसाब से खर्च कर, आहरण कर शासन को चपत लगाई जाती रही है। डीएमएफ के कार्यों की बंदरबांट, आधे-अधूरे और गुणवत्ता हीन कार्यों का निष्पादन कर मोटी रकम अपने हवाले करने, कार्य की राशि जारी करने के एवज में 5 से 10% की कमीशन खोरी की शिकायतें रही है। बता दें कि मनोज कुमार टंडन के द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की भी सुगबुगाहट कई दिनों से हो रही है और उसके संपत्ति की जांच की मांग भी कांग्रेसी नेता कर चुके हैं।

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Ranjan Prasad

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