February 26, 2026

गौ- सेवा आयोग के सदस्य प्रशांत मिश्रा के प्रयास से सीबीएसई की मान्यता मिली

कोरबा 21 अगस्त। जब भी बच्चों के अच्छी शिक्षा की बात आती है, तो वहां सीबीएसई (CBSE) का नाम जरूर सुनाई पड़ता है। आज के समय में तो मानो सीबीएसई, स्कूल का पर्याय बन गया है। आज हर माता- पिता अपने बच्चों को सीबीएसई स्कूल में पढ़ाना चाहते है। जिले के पाली नगर में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल को भी गौ- सेवा आयोग छत्तीसगढ़ शासन के सदस्य प्रशांत मिश्रा के अथक प्रयास से सीबीएसई पाठ्यक्रम की मान्यता मिली है जो पाली क्षेत्र के लिए गौरान्वित वाली बात है। इसके पूर्व भी श्री मिश्रा के द्वारा पाली में एक इंग्लिश माध्यम का शासकीय स्कूल की सकारात्मक सोच रख किये गए पहल के परिणामस्वरूप ही नगर को उक्त उच्च शिक्षण संस्थान की सौगात मिली है। जहां पुनः उनके एक और प्रयास से स्कूल को केंद्रीय पाठ्यक्रम की बड़ी मान्यता मिली।

बताते चले कि सीबीएसई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का एक संक्षिप्त नाम है। यह हमारे देश का प्रमुख शिक्षा बोर्ड है। सीबीएसई के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों का संचालन केंद्र सरकार करती है, और जिसके अंतर्गत आने वाले सभी निजी और शासकीय स्कूल दिल्ली से संचालित होते है। सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा के दो माध्यम है, हिंदी एवं अंग्रेजी, और इनके पाठ्यक्रम में NCERT किताबें प्रयोग की जाती है। जिसके कारण सीबीएसई ने शिक्षा के क्षेत्र में तेज गति से विकास किया, और यही वजह है कि बीते वर्षों में इसका बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। जिसके पाठ्यक्रम की मान्यता स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल पाली को मिलने से क्षेत्र के स्कूली बच्चे लाभान्वित होंगे। उक्त स्कूल में वर्तमान कक्षा 1 से 11 तक कि कक्षाएं संचालित हो रही है जहां 10 वी तक प्रत्येक कक्षा में शासन द्वारा निर्धारित 40 सीट के अनुसार बच्चे अध्यनरत है। वहीं कक्षा 11 में विज्ञान समूह के अंतर्गत जीव विज्ञान एवं गणित संकाय में कुल 22 छात्र- छात्राएं है। जहां के विशेषज्ञ शिक्षक- शिक्षिकाओं द्वारा प्राथमिक स्तर के बच्चों को उच्च स्तर के गुणवत्तापरख शिक्षा देने के साथ पाठ्योत्तर गतिविधियों पर भी उनका ध्यान फोकस किया जा रहा है, जिसके तहत शिक्षकगण बच्चों के साथ मिलकर चार समूह क्रमश- अरपा, महानदी, इंद्रावती व शिवनाथ के नाम से विभाजित होकर प्रतियोगिता के माध्यम से खेलकूद व अन्य रचनात्मक गतिविधि का संचालन समय- समय पर कर रहे है। उल्लेखनीय है कि सीबीएसई दूसरे बोर्ड से अलग है क्योंकि इसके पाठ्यक्रम में NCERT किताबें प्रयोग होती है। जहां भारत में हायर एजुकेशन के लिए कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं जैसे NEET, JEE आदि का पाठ्यक्रम सीबीएसई से जुड़ा होता है। जो बच्चे इन क्षेत्रों में अपना कैरियर बनाना चाहते है, उनके लिए सीबीएसई पाठ्यक्रम बहुत ही उपयोगी साबित होता है।

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Ranjan Prasad

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