शहर से लगे जंगल में क्षेत्र के अपशिष्ट किया जा रहा डंप

कोरबा 2 दिसम्बर। शहर से लगे दादर और भालू सटका के जंगल में इंडस्ट्रियल क्षेत्र के अपशिष्ट को जगह.जगह फेंका जा रहा है। इससे पेड़ पौधों को नुकसान हो रहा है । मामले में वन विभाग की ओर से कार्रवाई नही किये जाने से अपशिष्ट डंप की ढेरी की संख्या बढ़ती ही जा र ही है।

इन दिनों वन क्षेत्र की सूनी जगह मेडिकल, राखड़ व इंडस्ट्रियल की अपशिष्ट फेंकने के लिए आसान जगह बन गई है। ग्राम रिसदी से लगे इंडस्ट्रियल क्षेते में छोटे छोटे औद्योगिक संस्थानों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमे प्लास्टिक के बारदाने, दोना पत्तल, पानी पाउच पैकिंग, आक्सीजन हाइड्रोजन गैस आदि की फैक्ट्रियां लगी है। जगह छोटे होने से कई उद्योंगों के पास अपशिष्ट को व्यवस्थापन करने की जगह नही। ऐसे में संस्थानों द्वारा अपशिष्ट को खुले आसमान के नीचे जंगल मे फेंका जा रहा। वन क्षेत्र इंडस्ट्रियल क्षेत्र के निकट होने से संस्थान संचालकों को आसानी हो रही है। फेंके जा रहे कचरों में ज्यादातर रासायनिक अपशिष्ट है। मामले पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा भी सुध नही ली गई है। आसपास के ग्रामीणों के कहना है कि यह सिलसिला कोरोना काल से चला आ रहा है। बारिश के दौरान सड़ चुके अपशिष्ट से बदबू आने लगी है। रासायनिक गंदगी से जंगली जीवो के लिये खतरा साबित हो रहा। नियंत्रण नही किये जाने से एक उद्योग के देखा देखी दूसरे उद्योग संचालक भी अपशिष्ट फेंकने लगे हैं। वन भूमि में कच्ची मार्ग बनने से कचरों को डंप करने में आसानी होती हो रही है। कल तक इस मार्ग से केवल जंगल के लकडी का अवैध परिवहन होता था, लेकिन अब कचरा फेंकने का माध्यम बन गया है। स्थानीय ग्रामीणों की माने तो कचरे रात में ही डंप किए जाते हैं। समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो जंगल में पेड़ों के अलावा लगाए गए नए पौधे भी नष्ट हो जाएंगे।

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Ranjan Prasad

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