March 17, 2026

आत्महत्या के लिए विवश करने वाले पति को छह साल की सजा

कोरबा 5 दिसंबर। दहेज के नाम पर प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को न्यायालय ने छह वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।

मामला रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत रावणभांठा क्षेत्र का है। यहां निवासरत प्रेमलाल चौहान अपनी पत्नी राधाबाई के साथ रोजाना विवाद करता था। 29 नवंबर 2018 की रात वह शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के साथ विवाद कर मारपीट करने लगा। दूसरे दिन सुबह पुनः राधा बाई के साथ विवाद करने लगा। पति की प्रताडना से तंग आकर राधा बाई ने घर के अंदर रखे मिट्टी तेल को अपने शरीर में छिड़क आग लगा ली। जब आग की लपटों से घिर गई, तब वह चिल्लाते हुए बाहर निकली, तब उस पर सीमा चौहान, अंजू व राधा बाई की बेटी रेशमी चौहान ने पानी डाल कर बुझाने का प्रयास किया। किसी तरह आग बुझाने के बाद डायल 108 के माध्यम से जिला अस्पताल में राधाबाई को दाखिल कराया। जानकारी मिलने पर कार्यपालिक दंडाधिकारी ने 30 नवंबर को राधा का बयान भी दर्ज किया। इलाज के दौरान एक दिसंबर को राधा बाई की मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने धारा 498, 306 के तहत मामला कायम कर विवेचना उपरांत न्यायालय में प्रस्तुत किया। लोक अभियोजक कमलेश उपाध्याय ने मामले की पैरवी की। सुनवाई उपरांत एक्ट्रोसिटी एक्ट कोरबा विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार ने धराा 306 के तहत छह साल तथा धारा 498 ए के तहत दो साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

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Ranjan Prasad

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