February 25, 2026

दंतैल हाथी पहुंचा बीजाडांड व सेमरहा जंगल

कोरबा 5 जनवरी। जिले के पसान रेंज के पोड़ीकला पंचायत में हमला कर आदिवासी दंपत्ति को घायल कर देने वाला खतरनाक दंतैल हाथी अब सेमरहा व बीजाडांड जंगल पहुंच गया है। दंतैल का लोकेशन आज सुबह यहां मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच कर दंतैल की निगरानी में जुट गया है। यहां पहुंचने से पहले दंतैल ने रात में बीजाडांड गांव में जमकर उत्पात मचाये। इस दौरान एक ग्रामीण के मकान को तोड़ दिया तथा दो लोगों की रबी फसल पूरी तरह रौंद डाली। हाथी के उत्पात से ग्रामीण काफी हलाकान रहे। ग्रामीणों ने दहशत में रात बितायी।

बीजाडांड में मकान तोड़े जाने व फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना ग्रामीणों द्वारा रेंजर धमेन्द्र चौहान को दे दी गई है। श्री चौहान के निर्देश पर वनकर्मी क्षति का आंकलन करने आज सुबह गांव पहुंच गए है। प्रारंभिक तौर पर हाथी के उत्पात से हजारों रूपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। ज्ञात रहे कि इस दंतैल ने मंगलवार को तड़के पसान सर्किल के पोड़ी कला पंचायत में पहुंचकर कच्चे मकान में सो रहे उरांव दंपत्ति खूलसाय व हीरमतिया बाई पर हमला कर घायल कर दिया था। घायल दंपत्ति का पसान प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र में प्रारंभिक उपचार के बाद पेंड्रा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। पेंड्रा अस्पताल में काफी उपचार के बाद भी जब खूलसाय के स्वास्थ्य में विशेष सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया, जहां उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। खूलसाय की पत्नि हीरमतिया बाई का उपचार पेंड्रा जिला अस्पताल में चल रहा है।

कटघोरा वनमंडल के ही केंदई रेंज में 40 हाथी अभी भी विचरण कर रहे हैं। ये हाथी पिछले कुछ दिनों से रेंज के परला सर्किल के बेलबंधा पहाड़ में मौजूद है। दिन भर विश्राम करने के बाद हाथी रात में पहाड़ से उतरते हैं और नीचे तालाबों, नदी व नालों में पहुंचकर पानी पीने तथा वृक्षों के डंगाल व पत्तियों को खा कर पेट भरने के बाद वापस पहाड़ पर लौट जाते है। इन्हीं दलों में से तीन दंतैल हाथी मंगलवार को अलग होकर पसान रेंज में पहुंच गए और वहां पहुंचते ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। पहले दिन एक दंतैल ने हमला कर आदिवासी दंपत्ति को घायल कर दिया। इधर कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में अचानक पहुंचा दंतैल एक दिन तक यहां के जंगलों में घूमने के बाद पुनः वापस छाल रेंज पहुंच गया है। दंतैल के लौटने से वन विभाग ने राहत की सांस ली है।

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Ranjan Prasad

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