चुईया में जलजमाव से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें


कोरबा 25 जुलाई। ग्रामीण विकास के नाम पर सरकार करोड़ो रुपए पानी की तरह बहा रही है। मगर गांव की सूरत बिगड़ती जा रही है। कोरबा जिले के ग्रामीण इलाके में जलभराव से लोगो की मुश्किलें बढ़ गई है।

गांव में नालियों का निर्माण न कराए जाने से गलियों में लबालब पानी भरा हुआ है। रास्ते पर कीचड़ की भरमार है। बारिश के मौसम में जिले के अधिकांश गांव के हालात बदतर हो चुके है। मगर इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। बदहाल तस्वीर चुईया ग्रामपंचायत के भटगांव की है। हर साल बारिश के मौसम में इसी तरह गांव की सूरत बिगड़ जाती है। कुछ साल पहले इस गांव में गली का कांकरीटीकरण किया गया। मगर उस दौरान एजेंसी द्वारा नालियों का निर्माण नहीं कराया गया। जिसके कारण बारिश के पानी की निकासी नही हो पा रही है। नीचेपारा और ऊपरपारा में हालात बद से बदतर हो चुका हैं। पिछले 2 सप्ताह से इसी तरह रास्ते पर जलभराव है ऐसे में लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। गलियों में पानी के ठहराव की वजह से कीचड़ उत्पन्न हो गया है। जिससे वाहनों के फंसने की आशंका बढ़ गई है। गांव में कृषि कार्य तेजी से चल रहा हैए ऐसे में किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।जलभराव के चलते लोगों का चलना फिरना तो मुश्किल हो ही गया है। बड़े पैमाने पर मच्छर भी पनप रहे हैं। जिससे लोग काफी परेशान हैं।

कई बार मामले की शिकायत पंचायत सरपंच और संबंधित अधिकारियों से की गई। मगर इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। अफसरों के इस रवैए को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। ना सिर्फ भटगांव बल्कि जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र में यही हालात हैं। गांव के विकास के नाम पर भीतरी सड़कों का जीर्णोद्धार किया गया हैए लेकिन नियम के तहत नालियों का निर्माण नहीं किया गया। जिसके कारण बारिश के मौसम में यह हालात उत्पन्न हो जाते हैं। पानी के भराव की वजह से कंक्रीट भी उखडऩे लगे हैं जिससे सरकार को भी आर्थिक क्षति पहुंच रही है।

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Ranjan Prasad

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