March 25, 2026

दो स्थानों पर अंडरब्रिज की घोषणा, लंबे समय बाद भी काम नहीं

कोरबा 13 सितंबर। माल गाडिय़ों को प्राथमिकता क्रम में रखने के साथ यात्री गाडिय़ों की उपेक्षा का मामला कोरबा क्षेत्र से काफी गहराई से जुड़ा हुआ है। नागरिकों की परेशानी इस वजह से लगातार बढ़ रही है। इन सबके बीच कोरबा में लोगों की समस्या को दूर करने के लिए दो स्थानों पर बनाए जाने वाले अंडर ब्रिज को लेकर कुछ अता पता नहीं है। इस बारे में एसईसीआर के महाप्रबंधक आलोक कुमार की घोषणा को 7 महीने का समय बीत चुका है। काफी समय से बनते बिगड़ते कार्यक्रम के बीच 4 फरवरी 2022 को एसईसीआर जोन के आलोक कुमार का दौरा कोरबा में हुआ था।

कोरबा स्टेशन के अलावा कोलफील्ड्स की साइट का विजिट करने के साथ महाप्रबंधक ने नागरिक संगठनों से सीधे तौर पर मुलाकात नहीं की थी और इसे लेकर यहां वहां नारेबाजी को बर्दाश्त किया। इतना जरूर रहा की कुछ देर के लिए मीडिया से मिलने का समय निकाला गया। मौके पर कई प्रकार की बातें की गई और घोषणा करने से परहेज नहीं किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से जो पॉइंट नोट किए गए उसके मुताबिक महाप्रबंधक ने कोरबा से संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संजय नगर रेलवे क्रॉसिंग और स्टेशन के आगे इमलीडुग्गू क्रॉसिंग पर अंडर ब्रिज बनाए जाने की बात मंजूर की और इसके लिए जल्द आगे का काम करने का भरोसा दिया। दूसरी घोषणाओं को छोड़ दिया जाए तो कोरबा के नागरिकों के लिए इन दोनों समस्याओं के समाधान के लिए कामकाज जल्द प्रारंभ करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि महाप्रबंधक के प्रवास को 200 दिन पूरे हो चुके हैं। इतना लंबा समय बीतने पर भी अब तक कोरबा से संबंधित इन घोषणाओं के सिलसिले में 1 इंच काम भी नहीं हो सका है। वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में क्या कुछ पेपर वर्क हुआ और इसमें आगे किस तरह से प्रगति हो रही है इसे बताने के लिए रेलवे ने किसी भी स्तर पर जानकारी साझा नहीं की है। ऐसे में लोगों के बीच यही संदेश जा रहा है कि जनाक्रोश को कम करने के लिए घोषणाएं जरूर की जा रही हैं लेकिन जमीन पर उतारने को लेकर दिलचस्पी लेने में ध्यान बिल्कुल नहीं है।

क्रॉसिंग के चक्कर में परेशानी:- बिजली कोयला और एलुमिनियम के नाम से पहचाने जाने वाले कोरबा की पहचान रेलवे क्रॉसिंग के शहर के रूप में बन चुके हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों को जाने वाले मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग की मौजूदगी है। हर आधे घंटे में इनके बंद होने के कारण अलग-अलग कारणों से अपने गंतव्य को जाने वाले लोग परेशान होते हैं। इनमें सर्वाधिक परेशानी इमली डुग्गू और संजय नगर रेलवे क्रॉसिंग को लेकर बनी हुई है। कई दशक बीतने पर भी यह समस्या जस की तस बनी हुई है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि इस बारे में महाप्रबंधक रेलवे के द्वारा जो घोषणा की गई है, उस पर क्रियान्वयन आखिर कब तक होता है।

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Ranjan Prasad

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