धान खरीदी की तैयारी पूरी, 15 नवंबर से शुरू होगी प्रक्रिया

0 एक दिन पहले से जारी होंगे टोकन
कोरबा। धान खरीदी की तैयारी पूरी कर ली गई है। 15 नवंबर से खरीदी शुरू होगी। 14 नवंबर से टोकन जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इसे 9 नवंबर से शुरू करने का निर्देश थे, लेकिन सहकारी विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसे कामकाज पर असर देखने को मिला है।
जिला प्रशासन किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी में जुटा हुआ है। कोरबा में 41 समितियों के माध्यम से 65 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। पोर्टल में समर्थन मूल्य के लिए धान बिक्री के लिए इस वर्ष लगभग 49 हजार से अधिक किसानों ने 49 हजार हेक्टेयर में धान की फसल उत्पादन के लिए पंजीयन कराया है। इधर खाद्य विभाग, सहकारी बैंक, विपणन विभाग ने धान खरीदी के लिए तैयारी लगभग पूरी कर ली है। एक माह तक धान खरीदी के लिए समितियों के पास बारदाना उपलब्ध कराया जा चुका है।इस वर्ष टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप भी जारी किया गया है। जिसके जरिए किसान ऐप में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद खुद ही टोकन जारी कर धान बेचने के लिए मंडी पहुंच सकते हैं। पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सरल तरीके से पूरी करने के लिए ऐप और अन्य व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
धान खरीदी सीजन 2025-26 में किसानों को उपार्जन केंद्र जाकर टोकन प्राप्त करने के बाध्यता से निजात मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। दावा है कि किसान अब घर बैठे ऑनलाइन टोकन हासिल कर सकेंगे, जो एंड्रॉयड मोबाइल पर चलने वाला ऐप है। टोकन तुहर हाथ एंड्रॉयड ऐप को खाद्य विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप इंस्टॉल करने के बाद रजिस्टर करना होगा। इसके बाद किसान हर दिन सुबह 8 बजे से टोकन जनरेट कर सकेंगे। छोटे किसानों को 2 टोकन और बड़े किसानों को 3 टोकन ऐप से प्राप्त कर सकते हैं। टोकन प्राप्त करने के लिए ओटीपी आधारित व्यवस्था रखी गई है। मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा और इस ओटीपी को प्रविष्ट करने पर ही टोकन जारी होगी।
0 31 जनवरी तक चलेगी धान खरीदी
इस वर्ष 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी की जाएगी। राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ में अधिकतम 21 क्विंटल तक धान खरीदेगी। खरीदी का समर्थन मूल्यइस वर्ष 3 हजार 169 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 69 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन बंद
पंजीयन के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल अब बंद हो चुकी है। लेकिन कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए पोर्टल पर पंजीयन कराया है। लेकिन उनका रकबा प्रदर्शित नहीं हो रहा है। कुछ किसानों का रकबा कम दिखा रहा है। इसे लेकर किसान परेशान हैं। हालांकि इन किसानों के पास दावा-आपत्ति के लिए 30 नवंबर तक का समय है।