फारापखना में जनजातीय गौरव दिवस पर भव्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर व वस्त्र वितरण से लाभान्वित हुए सैकड़ों लोग

पाली। जनजातीय गौरव दिवस एवं भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर ग्राम फारापखना (विकासखंड कपोट) में एक भव्य एवं जनसेवा-मुखी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपरा को नमन करते हुए स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर विशाल स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, समरसता भोज

तथा वस्त्र एवं कंबल वितरण मेला आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी एवं वरिष्ठ समाजसेविका कौशिल्या विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में जनजातीय संस्कृति को राष्ट्र की धरोहर बताते हुए भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, स्वाभिमान और त्याग को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने समाज की समस्याओं को शासन तक पहुँचाने का आश्वासन भी दिया। अति विशिष्ट अतिथि तिमिरेन्दू शेखर सिंह कंवर, विशिष्ट अतिथि रंजिता साहू, एवं कार्यक्रम अध्यक्ष सरपंच रामकुमार आयम

मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संयोजन चंद्रकांत साहू, सह संयोजन दीपक सोनी एवं जितेन्द्र साहू ने किया। संचालन समाजसेवक सुनील जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति के प्रतीक कर्मा तिहार, प्रकृति उपासना और सामाजिक समरसता पर विशेष प्रकाश डाला गया। अंत में वस्त्र और कंबल वितरण के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों को लाभ प्रदान किया गया। आयोजन विश्वाधारम जन कल्याण सेवा समिति, बिलासपुर द्वारा किया गया।