फाटक पर फिर फंसी मालगाड़ी, रेलवे पावर लाइन डाउन होने से घंटों जाम

0 स्कूली बच्चे, ड्यूटी जाने वाले कर्मचारी परेशान
0 वाई-शेप ओवरब्रिज की मांग फिर उठी
कोरबा। सोमवार सुबह एक बार फिर शहरवासियों को रेलवे फाटक पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे की पावर लाइन डाउन होने के कारण सीएसईबी चौक तथा ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे फाटक सुबह 7:40 बजे से करीब एक घंटे तक बंद रहे। इस दौरान बालको प्लांट और सीएसईबी प्लांट के लिए कोयला ढोने वाली दो मालगाड़ियां फाटक पर ही फंस गईं, जिसके चलते दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

फाटक बंद रहने से सुबह ड्यूटी जाने वाले कर्मचारी, ऑफिस कर्मी और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं फंस गए। कई लोग मजबूरी में मालगाड़ी के नीचे से या ऊपर चढ़कर रास्ता पार करते नजर आए। शारदा विहार रेलवे क्रॉसिंग को वैकल्पिक रूप से खोला गया, लेकिन यहां भी भारी जाम की स्थिति बन गई। मालगाड़ी के एक कर्मी के अनुसार, पावर लाइन डाउन होने जैसी स्थिति में सुधार कार्य में सामान्यतः 2 से 3 घंटे लग जाते हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे की अनदेखी और लापरवाही के कारण आम जनता को बार-बार समस्या झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में वर्षों पहले प्रस्तावित वाई-शेप ओवरब्रिज की याद फिर से ताजा हो गई है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण की योजनाएं तो बनीं, पर इन्हें धरातल पर लाने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से फाटकों पर बार-बार गाड़ियों को रोकने, आधी मालगाड़ी को क्रॉसिंग पर रोककर रखें जाने या दो ट्रेनों को एक साथ निकालने के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार ट्रेन आने से काफी पहले फाटक बंद कर दिए जाने से भी आवागमन बाधित होता है।
पुराने शहर क्षेत्र में एक ओवरब्रिज जरूर मौजूद है, लेकिन मानिकपुर, शारदा विहार, टीपी नगर और सीएसईबी चौक जैसी व्यस्त क्रॉसिंग पर कोई वैकल्पिक सुविधा नहीं है। वहीं, संजय नगर नहर मार्ग में प्रस्तावित अंडरब्रिज अभी भी कागजों से बाहर निकलता नहीं दिख रहा। परिणामस्वरूप शहर के विभिन्न हिस्सों में रेलवे क्रॉसिंग पर जनता रोजाना जाम की मार झेल रही है।