February 4, 2026

कुसमुंडा में सीएमडी का घेराव, भूविस्थापितों ने रोजगार और जमीन वापसी को लेकर जताया आक्रोश


0 20 नवंबर को एसईसीएल मुख्यालय का महाघेराव करने की चेतावनी
कोरबा। रोजगार, बसावट और जमीन वापसी समेत विभिन्न मांगों को लेकर जिले के भूविस्थापितों ने रविवार देर शाम कुसमुंडा पहुंचे एसईसीएल के सीएमडी का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान सभा तथा भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कुसमुंडा गेस्ट हाउस पहुंचे, जहाँ सीएमडी अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के नारेबाजी से माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। स्थिति नियंत्रण में रखने पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। घेराव के दौरान भूविस्थापितों ने स्पष्ट कहा कि वर्षों से लंबित रोजगार और भूमि-सम्बंधी प्रकरणों का निराकरण नहीं होने से आक्रोश बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों से चर्चा के बाद कुसमुंडा महाप्रबंधक ने नवंबर के अंतिम सप्ताह में सीएमडी के साथ बैठक कर सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद देर रात घेराव समाप्त हुआ। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल की जनविरोधी नीतियों से ग्रामीण अब तंग आ चुके हैं और किसान सभा के नेतृत्व में आर-पार की लड़ाई का संकल्प लिया गया है। जिला सचिव दीपक साहू ने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, प्रबंधन को धरातल पर परिणाम दिखाना होगा। उन्होंने घोषणा की कि भूविस्थापितों की समस्याओं के स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में 20 नवंबर को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर का महाघेराव किया जाएगा।
0 किसान सभा की प्रमुख मांगें
वन टाइम सेटलमेंट कर पुराने लंबित रोजगार प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, अर्जन के बाद जन्मे योग्य आश्रितों को बिना शर्त रोजगार प्रदान किया जाए। अर्जित भूमि वापस मूल खातेदारों को लौटाई जाए, और आवश्यकता होने पर नये सिरे से अर्जन की प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके अलावा लावा आउटसोर्सिंग कार्यों में 100 प्रतिशत रोजगार भूविस्थापितों एवं प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को दिया जाए।

ranjan photo
Ranjan Prasad

Spread the word