वचन निभाने दादी के आंगन पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार, सादगी ने जीता दिल


0 ढपढप गांव की वृद्धा से किया वादा पूरा, खाट पर बैठकर पी चाय, परिवार से की आत्मीय बातचीत
कोरबा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोरबा प्रवास के दौरान एक भावुक और यादगार दृश्य सामने आया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। कथा स्थल ग्राम ढपढप की एक वृद्ध महिला से किया गया वादा निभाते हुए बाबा स्वयं उसके घर पहुंचे और सादगी व आत्मीयता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
दरअसल, कथा के दौरान रास्ते से गुजरते समय बाबा की नजर घर के दरवाजे पर बैठी एक वृद्धा पर पड़ी थी। उन्होंने उसी समय उससे उसके घर आने और चाय पीने का वादा किया था। चौथे दिन जब बाबा कथा स्थल के लिए निकले, तो उन्होंने पहले दादी के घर पहुंचकर अपना वचन निभाया। इस कारण वे कथा में करीब आधे घंटे देरी से पहुंचे।
बाबा का काफिला जैसे ही दादी के घर के सामने रुका, आसपास के ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। दादी के परिवार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि बाबा सच में उनके घर आएंगे, लेकिन वृद्धा को उनके वचन पर पूरा विश्वास था। घर पहुंचकर बाबा ने पूरी सादगी के साथ दादी की खाट पर बैठकर चाय पी, परिवार के सदस्यों से आत्मीय चर्चा की और हंसी-ठहाकों के बीच उनके साथ समय बिताया। उन्होंने परिवार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उन्हें बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया।
बाबा के इस व्यवहार ने न केवल उस परिवार, बल्कि पूरे गांव को भावुक कर दिया। ऊंच-नीच, भेदभाव और जाति-पाति से ऊपर उठकर सभी को समान भाव से सम्मान देने की उनकी इस पहल को लोगों ने एक प्रेरणादायक संदेश के रूप में देखा। यह पल क्षेत्र के लिए यादगार बन गया और बाबा की सादगी व वचनबद्धता की चर्चा हर जुबान पर है।

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Ranjan Prasad

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