हनुमान जयंती की रही धूम, श्रद्धा, सेवा और उत्साह से सराबोर रहा पूरा जिला

कोरबा। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर पूरा जिला भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हर ओर भगवान बजरंगबली के जयकारे गूंजते रहे। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामचरितमानस का अखंड पाठ शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। श्रद्धालु पूरे दिन भक्ति में लीन रहे। शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट के साथ महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। हनुमान जयंती के अवसर पर जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर सेवा भाव से लोगों को भोजन कराया। कई स्थानों पर खिचड़ी, पूरी-सब्जी, हलवा और ठंडे पेय पदार्थों का वितरण किया गया। भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए शीतल जल और शरबत की भी व्यवस्था की गई, जिसे राहगीरों ने सराहा।

इस दौरान शहर में कई जगह भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। डीजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक झांकियों के साथ निकली इन यात्राओं में युवाओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्तगण जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों के साथ पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल बनाते रहे। शाम होते ही मंदिरों में भजन-कीर्तन और संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कई जगहों पर कलाकारों द्वारा रामायण और हनुमान जी से जुड़े प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। हनुमान जयंती के इस पर्व ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज में सेवा, एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। पूरे जिले में शांति और सौहार्द के साथ यह पर्व संपन्न हुआ, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
0 जन्मोत्सव पर निकले हनुमान जी…

कोरबा। जन्मोत्सव पर हनुमान जी की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। जगह-जगह भोग भंडारे आयोजित हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दूसरी ओर शहर के जीवन देवांगन हनुमान का रूप धरकर शहर में निकले। जिन्हें देखने श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया।