March 17, 2026

शेरनी “मेघा” अपने ही शावक को खा गई, इसकी वजह क्या हो सकती हैं?

इंदौर 29 मार्च : यह जानकर अचंभित लगेगा कि एक शेरनी ने तीन दिन पहले जिस शावक को जन्म दिया था उसे खा गई.इस घटना ने सबको हैरान कर दिया हैं. यह घटना इंदौर के चिड़ियाघर की हैं.

दरअसल यहां “मेघा” नाम की एक शेरनी ने जिस बच्चे को जन्म दिया था वो उसे ही खा गई।शेरनी की इस हरकत ने सबको चौका दिया. लेकिन जू प्रभारी ने इसके पीछे की एक बड़ी वजह बताई है। उनके तर्क को इस बात से समझा जा सकता है कि अपनी खुद की संतान अगर पैदाइशी तौर पर कमजोर हो तो कुछ जानवर उसे मार कर खा जाते है। ये पद्धति या फिर कहा जाए ये फितरत इंसानो में नहीं बल्कि मूक प्राणियों में पाई जाती है। इंदौर जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि तीन दिन पहले इंदौर के चिड़ियाघर में मेघा नाम की शेरनी ने तीन शावको को जन्म दिया था। ज़ू प्रभारी यादव के अनुसार उनमें एक शावक कमजोर था और तीन दिन गुजरने के बावजूद शावक की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही थी जिसके बाद अंत मे उसकी माँ मेघा ने अपने बच्चे को ही खा लिया। शेरनी मेघा के इस फैसले को लेकर तो कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि मूक प्राणियों का जीने का तरीका और सिद्धांत आम मनुष्य से अलग होता है।

चिड़िया घर प्रभारी ने इस घटना के बारे में यह भी बताया की मूक प्राणियों में ये एक जन्मजात विकृति होती है। हालांकि, तीन शावकों के जन्म से जू के कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया था लेकिन इस घटना के बाद खुशी काफुर होती देखी गई। शेरनी मेघा की उम्र 10 साल हैं की है और तीन दिन पहले जन्मे तीनों शावकों को मिलाकर शेरों का कुनबा बढ़कर 13 हो गया था लेकिन एक शावक को शेरनी के खाये जाने के बाद अब संख्या घटकर 12 रह गई है।

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Ranjan Prasad

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